Mauni Amavasya 2026: हिंदू धर्म के अंदर मौनी अमावस्या काफी ज्यादा महत्वपूर्ण मानी गई है। जो 2026 में मौनी अमावस्या 18 जनवरी की रात 12:03 से शुरू हो जाएगी और 19 जनवरी की रात को 1:21 पर खत्म होगी। मान्यताओं के अनुसार मौन व्रत धारण करने से मन के साथ-साथ वाणी और कर्म की भी शुद्ध हो जाती है। शास्त्रों के मुताबिक मौनी अमावस्या के मौके पर मौन व्रत का पालन करने पर साधक आत्म चिंतन की ओर बढ़ता है।
मौनी अमावस्या पर क्यों रखा जाता है मौन व्रत?
मौनी अमावस्या के मौके पर मौन व्रत रखने का संबंध वाणी संयम और आत्म नियंत्रण से जुड़ा हुआ बताया जाता है। शास्त्रों की माने तो वाणी से उत्पन्न हुए दोष व्यक्ति के कर्म बंधन को और भी ज्यादा मजबूत कर देते हैं। लेकिन जब व्यक्ति मौन धारण कर लेता है तो वाणी के साथ-साथ मन भी शांत हो जाता है।
मौन व्रत रखने के लाभ
मौनी अमावस्या के मौके पर मौन व्रत रखने पर आध्यात्मिक लाभ मिलता है। मान्यताओं के अनुसार मौन व्रत करने पर मन की चंचलता कम होने लगती है और ध्यान में स्थिरता आने लगती है। जब भी शब्दों का त्याग होता है तो चेतन अधिक जागृत हो जाती है।
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मानसिक और जीवन संतुलन में मिलती है मदद
मौनी अमावस्या के मौके पर मौन व्रत धारण करने पर सिर्फ धार्मिक कर्म में ही नहीं बल्कि जीवन संतुलन में भी काफी ज्यादा मदद मिलती है। मौन व्रत रखने पर तनाव कम होने लगता है और विचारों में भी स्पष्ट आने लग जाती है। व्यक्ति बोलने से ज्यादा सुनता और समझने लगता है। मौन व्रत रखने पर व्यक्ति क्रोध से लेकर जल्दबाजी और नेगेटिविटी की भावना से दूर रहता है। मौन व्रत से व्यक्ति शांत और आत्म केंद्रित बनने लगता है।





